"क्या आपने होम लोन लिया है? क्या आप जानना चाहते हैं कि इसके ज़रिए आप अपनी इनकम टैक्स में कितनी और कैसे छूट पा सकते हैं?
तो ये वीडियो आपके लिए है — क्योंकि हम करने जा रहे हैं होम लोन और इनकम टैक्स बेनिफिट्स की पूरी पोस्टमॉर्टम!"
"होम लोन पर टैक्स छूट की पूरी जानकारी | ITR AY 2025-26"
🧑🏫 : होम लोन की बेसिक संरचना और टैक्स में क्या-क्या बेनिफिट मिलते हैं]
"सबसे पहले ये समझते हैं कि होम लोन में दो हिस्से होते हैं:
1. Interest (ब्याज)
2. Principal (मूलधन)
इन दोनों पर टैक्स कानून के तहत अलग-अलग सेक्शन में छूट मिलती है।"
: ब्याज पर छूट – Section 24(b)]
💡 मुख्य बातें:
मकसद: अपने घर के लिए लिए गए लोन पर ब्याज भुगतान पर राहत
अधिकतम छूट: ₹2,00,000 तक प्रति वर्ष
कहां दिखाना है? ITR में "Income from House Property" हेड के अंतर्गत
📝 ध्यान दें:
यह छूट केवल स्व-स्वामित्व (Self-Occupied Property) के लिए है
अगर मकान किराए पर दिया गया है, तो पहले कोई लिमिट नहीं थी, लेकिन अब सेट-ऑफ लिमिट ₹2 लाख/वर्ष कर दी गई है
📌 शर्तें:
होम लोन बैंक/फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन से लिया गया हो
कंस्ट्रक्शन 5 साल के अंदर पूरा हुआ हो
घर का पजेशन मिल चुका हो
ब्याज का प्रमाण बैंक से लिया गया हो
📘 3: मूलधन (Principal) पर छूट – Section 80C]
💡 मुख्य बातें:
अधिकतम छूट: ₹1,50,000 तक
कहां दिखाना है? ITR के "Deduction under Chapter VI-A" में
📝 ध्यान दें:
यह छूट EMI में दिए गए प्रिंसिपल अमाउंट पर मिलती है
यह 80C की लिमिट में अन्य खर्च जैसे LIC, PPF, ELSS आदि के साथ मिलकर कुल ₹1.5 लाख में ही सीमित है
यदि मकान को 5 साल के अंदर बेचते हैं, तो यह छूट Reverse हो जाती है यानी अगले साल की इनकम में जोड़ा जाएगा
📘 4: एक्स्ट्रा बेनिफिट – Section 80EE और 80EEA]
Section 80EE (पुराना)
अधिकतम छूट: ₹50,000
केवल पहली बार घर खरीदने वालों के लिए
लोन 35 लाख से कम, प्रॉपर्टी 50 लाख से कम
लोन 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच लिया गया हो
Section 80EEA (वर्तमान)
अधिकतम छूट: ₹1,50,000 अतिरिक्त ब्याज पर
यह 24(b) के ₹2 लाख से अलग है
शर्तें:
पहली बार घर खरीद रहे हों
प्रॉपर्टी की स्टैम्प वैल्यू ₹45 लाख से कम हो
लोन 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 के बीच लिया गया हो
Section 80EE का लाभ नहीं लिया हो
📌 Note: ये दोनों सेक्शन अब नए लोन पर लागू नहीं होते, लेकिन पुराना लोन चालू है तो क्लेम कर सकते हैं।
📑 5: जॉइंट होम लोन पर टैक्स बेनिफिट]
"अगर आपने और आपके पार्टनर (पति/पत्नी या को-ऑनर) ने जॉइंट होम लोन लिया है, और दोनों EMI पे कर रहे हैं, तो दोनों को टैक्स छूट मिल सकती है — अलग-अलग:"
Interest (₹2 लाख प्रत्येक)
Principal (₹1.5 लाख प्रत्येक)
📝 शर्त:
दोनों मालिक होने चाहिए (co-owner)
दोno लोन में co-borrower हों
EMI में हिस्सा होना चाहिए
6: जरूरी दस्तावेज़ – क्या रखें तैयार?]
📌 बैंक का होम लोन सर्टिफिकेट
📌 EMI ब्रेकअप जिसमें ब्याज और प्रिंसिपल अलग-अलग हो
📌 ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट या पजेशन लेटर
📌 रजिस्ट्री डीड / सेल डीड / अलॉटमेंट लेटर
📌 अगर 80EEA का दावा कर रहे हैं, तो प्रॉपर्टी की स्टांप वैल्यू डॉक्युमेंट
💻 7: ITR में कहां-कहां दिखाएं?]
👉 ITR-1:
सिर्फ ₹2 लाख तक का ब्याज क्लेम कर सकते हैं
Principal की एंट्री 'Chapter VI-A > 80C' में करें
किराए वाली प्रॉपर्टी पर ITR-1 से नहीं फाइल करें
👉 ITR-2 / ITR-3:
Income from House Property में ब्याज की डिटेल
Schedule VI-A में Principal की डिटेल
अगर दो घर हैं या किराए से इनकम है, तो ITR-2 या 3 चुनें
📣 : Bonus Tips]
✅ EMI रसीदें सालभर सुरक्षित रखें
✅ सभी क्लेम डॉक्युमेंट ITR फाइलिंग के समय अपलोड की आवश्यकता नहीं, लेकिन AO मांग सकता है
✅ Income from House Property में नेगेटिव इनकम (लॉस) को 'Other Income' से सेट किया जा सकता है (₹2 लाख तक)
✅ ब्याज केवल उसी साल क्लेम करें जिस साल पेमेंट हुआ हो
"तो दोस्तों, अगर आप होम लोन EMI भर रहे हैं, तो अपने टैक्स में इन छूटों का पूरा फायदा उठाएं।
एक छोटा-सा फॉर्म सही भरने से ₹3.5 लाख या उससे अधिक की टैक्स सेविंग हो सकती है!"
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]: "हर EMI में है टैक्स छूट छिपी हुई, बस सही तरीके से उसे ITR में दिखाइए!"