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IPDMS 2.0 में मेडिकल डिवाइस कंपनियों के लिए नई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया



IPDMS 2.0 में मेडिकल डिवाइस कंपनियों के लिए नई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
मेडिकल डिवाइस से जुड़ी सभी कंपनियों को IPDMS 2.0 पोर्टल पर नया रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक है।
जो कंपनियाँ केवल मेडिकल डिवाइस से संबंधित हैं, उन्हें पहले से रजिस्टर्ड होने के बावजूद फिर से नया रजिस्ट्रेशन करना होगा।
जो कंपनियाँ Formulations (दवाइयाँ) और Medical Devices दोनों से संबंधित हैं, उन्हें दोनों के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करना होगा।
यदि ऐसी कंपनियाँ पहले से IPDMS Version 1 में रजिस्टर्ड हैं, तो वे formulation से संबंधित लॉगिन के लिए पुराने लॉगिन क्रेडेंशियल्स का उपयोग कर सकती हैं।


नोट 1:

इस दस्तावेज़ को आगे पढ़ने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि जो कंपनियाँ पहले IPDMS के पुराने ऑनलाइन सिस्टम का हिस्सा थीं,
वे IPDMS 2.0 ऑनलाइन सिस्टम में अपने पुराने यूज़र आईडी (User ID) के माध्यम से लॉगिन कर सकती हैं।
ऐसी कंपनियों के लिए नया पासवर्ड NPPA द्वारा उनके पंजीकृत ईमेल पर भेज दिया गया है।


नोट 2:

  • जो कंपनियाँ केवल Formulations से संबंधित हैं, उन्हें Product Type – Formulation चुनना होगा।
    जो कंपनियाँ केवल Medical Devices से संबंधित हैं, उन्हें Product Type – Medical Device चुनना होगा।
    जो कंपनियाँ दोनों – Formulations और Medical Devices – से संबंधित हैं, उन्हें दोनों के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक है।
    ऐसी कंपनियों को अब Formulations और Medical Devices दोनों के लिए अलग-अलग लॉगिन क्रेडेंशियल्स प्राप्त होंगे,
    जिनसे वे IPDMS 2.0 में दोनों गतिविधियों को स्वतंत्र रूप से संभाल सकेंगी।


नोट 3:

यह भी ध्यान देने योग्य है कि जो कंपनियाँ पहले पुराने IPDMS ऑनलाइन सिस्टम का हिस्सा थीं,
उन्हें नए रजिस्ट्रेशन लिंक के माध्यम से पुनः रजिस्टर करने की आवश्यकता नहीं है।
वे अपनी पुरानी यूज़र आईडी के माध्यम से IPDMS 2.0 सिस्टम में लॉगिन कर सकती हैं।
उन्हें अपने पुराने प्रोडक्ट्स और कंपनी रजिस्ट्रेशन विवरण से संबंधित डेटा तक पहुंच मिलेगी,
लेकिन उन्हें पहले अपने प्रोडक्ट्स की वेरिफिकेशन (सत्यापन) करनी होगी।
सत्यापन के बाद ही वे Form I से लेकर Form 6 तक के विभिन्न फॉर्म भर सकेंगी।


4. कंपनी विवरण (Company Details):
कंपनी से संबंधित निम्नलिखित विवरण भरें —
Company Name (कंपनी का नाम)
LLPIN / CIN (केवल यदि कंपनी कॉर्पोरेट है)


2026 Banking transactions limits



भारत — एक ऐसा देश, जहां कानून का खेल भी बड़ा अजीब है।
यहां किसी जज के घर से लाखों का कैश मिले तो सिस्टम चुप रहता है,
किसी नेता के पास बेनामी प्रॉपर्टी हो — तो सब नॉर्मल है।
लेकिन जब बात आती है आप और मेरी — यानि एक आम टैक्सपेयर की,
तो एक छोटी सी बैंक ट्रांजैक्शन पर भी नोटिस की बौछार हो जाती है!”
लेकिन चिंता मत कीजिए!
आज मैं आपको बताने वाला हूँ 2026 की बैंकिंग ट्रांजैक्शन लिमिट्स,
वो सारे रेड फ्लैग ट्रांजैक्शन्स जो आपको इनकम टैक्स के नोटिस तक पहुँचा सकती हैं,
और आखिर में — वो गोल्डन टिप्स,
जिनसे आप कभी भी IT डिपार्टमेंट की रडार पर नहीं आएंगे।”


🏦 PART 1 – बैंक ट्रांजैक्शन लिमिट्स (2026 अपडेट)

🎙️ “सबसे पहले बात करते हैं, रोज़ाना की ट्रांजैक्शन्स की...”
UPI लिमिट: ₹1 लाख प्रतिदिन (एजुकेशन/हेल्थ के लिए ₹5 लाख तक)
IMPS लिमिट: ₹5 लाख
RTGS: मिनिमम ₹2 लाख – मैक्सिमम कोई लिमिट नहीं
NEFT: ₹1 से शुरू, कोई मैक्स लिमिट नहीं
🎙️ “लेकिन याद रखिए, हर बैंक अपनी लिमिट अलग तय करता है,
इसलिए अपने बैंक के नियम ज़रूर चेक करें।”

💰 PART 2 – कैश डिपॉजिट और विदड्रॉअल लिमिट्स

🎙️ “अगर आपने अपने सेविंग अकाउंट में ₹10 लाख से ज़्यादा कैश डिपॉजिट या विड्रॉ किया,
तो उसकी रिपोर्ट सीधा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जाती है —
इसे कहते हैं SFT रिपोर्टिंग (Significant Financial Transaction)।”
⚠️ “अगर आपने अपनी ITR में इसे रिपोर्ट नहीं किया —
तो आपको 86% तक की पेनल्टी लग सकती है!”
🎙️ “और अगर आपका करंट अकाउंट है — तो लिमिट ₹50 लाख की है।”


🧊 PART 3 – अकाउंट फ्रीज़ और फ्रॉड ट्रांजैक्शन्स

🎙️ “आजकल ₹1 का फ्रॉड भी बैंक अकाउंट फ्रीज़ करा सकता है।
कई बार स्कैमर्स ₹1 भेजकर अकाउंट को फसाते हैं —
इसलिए ऐसी सस्पेक्टेड ट्रांजैक्शन्स से दूर रहें।”
🎙️ “और अगर टैक्स अथॉरिटी कोई रिकवरी प्रोसीडिंग शुरू करती है,
तो सबसे पहले आपका बैंक अकाउंट ही फ्रीज़ किया जाता है!”
💡 “इसीलिए अपने फंड्स को डायवर्सिफाई करें
थोड़ा FD में, थोड़ा SIP में, थोड़ा गोल्ड या प्रॉपर्टी में —
सब कुछ बैंक में मत रखिए!”


📊 PART 4 – GST और ITR रिपोर्टिंग

🎙️ “अब GST और ITR दोनों में सभी बैंक अकाउंट्स की डिटेल देना मैंडेटरी हो गया है।
अगर आपने GST रजिस्ट्रेशन के 30 दिनों में बैंक अकाउंट ऐड नहीं किया —
तो आपका GST नंबर ऑटो-सस्पेंड हो जाएगा!”
🎙️ “और ITR में बैंक अकाउंट न बताने पर ₹10,000 तक की पेनल्टी लग सकती है।”


🧾 PART 5 – TDS on Cash Withdrawal (Section 194N)

🎙️ “अगर आप ITR फाइल करते हैं और ₹1 करोड़ से ज़्यादा कैश निकालते हैं —
तो बैंक 2% TDS काटेगा।
अगर आपने ITR नहीं फाइल की —
तो ₹20 लाख के बाद ही TDS कटना शुरू हो जाएगा!”



💼 PART 6 – GST रजिस्ट्रेशन और UPI रिसीट्स

🎙️ “कई बिज़नेस ओनर्स अपने अकाउंट में ₹40 लाख से ज़्यादा UPI रिसीव करते हैं,
लेकिन GST में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाते —
तो ध्यान दीजिए! ₹40 लाख (गुड्स) और ₹20 लाख (सर्विसेज़) की लिमिट के बाद
GST रजिस्ट्रेशन मैंडेटरी है।”


💡 PART 7 – बोनस टिप्स टू स्टे सेफ

🎙️ “1️⃣ पर्सनल और बिज़नेस ट्रांजैक्शन्स अलग रखें।”
🎙️ “2️⃣ अपने UPI रिकॉर्ड्स को हमेशा अपडेट रखें।”
🎙️ “3️⃣ सारे बैंक अकाउंट्स को ITR और GST में रिपोर्ट करें।”
🎙️ “4️⃣ कैश ट्रांजैक्शन्स लिमिट के अंदर रखें —
₹2 लाख से ज़्यादा कैश सेल, ₹2,000 से ज़्यादा कैश लोन, या ₹10,000 से ज़्यादा बिज़नेस एक्सपेंस कैश में न करें।”
🎙️ “इन नियमों का पालन करेंगे तो IT डिपार्टमेंट से नोटिस का डर कभी नहीं रहेगा।”


🎙️ “अगर यह वीडियो आपको इंफॉर्मेटिव लगी हो तो
लाइक करें, शेयर करें, और चैनल Tax Vakeel Guru ji को सब्सक्राइब करना न भूलें।
क्योंकि यहां हर वीडियो में मिलता है —
ज्ञान, जो आपको बनाता है स्मार्ट टैक्सपेयर!”





“कैश विदड्रॉल टैक्स क्या है?”


सोचिए… आप अपने ही बैंक अकाउंट से अपना ही पैसा निकालने बैंक जाते हैं।
लेकिन बैंक कहता है — “इस पर टैक्स कटेगा!”
अब आप सोच रहे होंगे — टैक्स तो इनकम पर लगता है, फिर अपने पैसे निकालने पर टैक्स क्यों?
और अगर आप सोच रहे हैं कि दिक्कत सिर्फ कैश निकालने में है… तो ज़रा ठहरिए!
बैंक में कैश जमा करने पर तो इससे भी बड़ी मुसीबत हो सकती है।

चलिए, मैं आपको एक रियल स्टोरी बताता हूं जो सब कुछ साफ कर देगी 👇
🎥 [सीन ट्रांजिशन: “रियल स्टोरी – मिस्टर Suneel का केस”]
मिलिए मिस्टर Suneel  से — UP के एक किसान।
इनकी आमदनी ज़्यादातर खेती-बाड़ी से होती थी।
एक दिन उन्होंने अपनी कुछ ज़मीन बेची और करीब ₹2 करोड़ रुपये कैश में मिले।
उन्होंने वो पूरा कैश अपने बैंक अकाउंट में जमा कर दिया।
अब हुआ क्या?
बैंक ने इस बड़ी डिपॉजिट की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को दे दी — जो कि बैंक की कानूनी जिम्मेदारी है।
लेकिन ट्विस्ट ये था —
मिस्टर मनु ने कभी अपनी ITR फाइल नहीं की थी,
और उन्हें ये तक नहीं पता था कि टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से उनके नाम पर नोटिस आया हुआ है।
जब बार-बार नोटिस का जवाब नहीं मिला, तो डिपार्टमेंट ने मान लिया कि ये ₹2 करोड़ ब्लैक मनी है।
नतीजा?
भारी टैक्स और पेनल्टी लगा दी गई, और उनका बैंक अकाउंट फ्रीज़ कर दिया गया।
💡 सीख ये है:
अगर आप कोई बड़ा कैश डिपॉजिट करते हैं, तो उसका सोर्स ज़रूर जस्टिफाई करना चाहिए।
वरना इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको भारी पेनल्टी दे सकता है।


🎥 [सीन ट्रांजिशन: “कैश विदड्रॉल पर टैक्स क्यों कटता है?”]
अब बात करते हैं उस नियम की जिसकी वजह से बैंक आपके पैसे निकालते वक्त टैक्स काटता है।
पुराने इनकम टैक्स कानून में ये सेक्शन 194N के तहत आता था।
लेकिन नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 में ये सेक्शन 393 के अंदर कवर किया गया है।
देखिए कैसे काम करता है 👇
अगर आपने अपनी ITR फाइल की हुई है,
और आप एक फाइनेंशियल ईयर में ₹1 करोड़ से ज़्यादा कैश निकालते हैं,
तो बैंक 2% TDS काटेगा।
लेकिन अगर आपने पिछले 3 सालों में ITR फाइल नहीं की है,
और आप ₹20 लाख से ज़्यादा कैश निकालते हैं,
तो उस पर 2% TDS कटेगा।
और अगर ₹1 करोड़ से ज़्यादा निकालते हैं,
तो 5% TDS काटा जाएगा।
अब डरिए मत!
ये TDS कोई एक्स्ट्रा टैक्स नहीं है।
ये एक तरह का एडवांस टैक्स है, जिसे आप अगले साल अपनी ITR फाइल करते वक्त क्लेम कर सकते हैं


🎥 [सीन ट्रांजिशन: “कैश डिपॉजिट और विदड्रॉल लिमिट्स”]
अब बात करते हैं उन लिमिट्स की जो आपको ज़रूर ध्यान रखनी चाहिए 👇
सेविंग अकाउंट में एक फाइनेंशियल ईयर में कैश डिपॉजिट या विदड्रॉल की लिमिट लगभग ₹10 लाख है।
वहीं करंट अकाउंट में ये लिमिट ₹50 लाख होती है।
अगर आप इन लिमिट्स को क्रॉस करते हैं, तो बैंक उस जानकारी को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भेजता है।
ये ट्रांजैक्शन आपके AIS (Annual Information Statement) में High Value या Significant Financial Transactions के रूप में दिखते हैं।
हाल ही में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक स्पेशल कैंपेन भी चलाया है,
जहां टैक्सपेयर को ये जानकारी दी जा रही है कि उनके नाम पर हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन रिपोर्ट हुई हैं।
तो अगर आप भी बैंक में बार-बार कैश जमा या निकालते हैं,
तो इन लिमिट्स का ध्यान रखिए — या फिर अपनी ट्रांजैक्शन हिस्ट्री हमेशा क्लियर रखिए।


🎥 [सीन ट्रांजिशन: “स्मार्ट टैक्स प्लानिंग टिप्स”]
अब बात करते हैं कुछ लीगल और स्मार्ट टैक्स प्लानिंग की।
मान लीजिए आपको ₹10 लाख कैश विदड्रॉ करना है।
अगर आप ये पूरा अमाउंट एक ही अकाउंट से निकालेंगे तो रिपोर्टिंग का रिस्क बढ़ जाएगा।
लेकिन अगर आपके पास दो बैंक अकाउंट हैं,
तो ₹5 लाख-₹5 लाख करके दो अकाउंट्स से निकालिए —
इससे कोई भी बैंक अकाउंट रिपोर्ट नहीं करेगा।
सीधा, लीगल और समझदारी भरा तरीका!
🎥 [आउट्रो – पॉजिटिव टोन]
तो दोस्तों, अब आप जान गए होंगे कि
कैश को स्मार्टली हैंडल करना कितना ज़रूरी है।
हर डिपॉजिट का सोर्स क्लियर रखें, लिमिट्स फॉलो करें और टैक्स प्लानिंग समझदारी से करें।
अगर आपको ये वीडियो पसंद आई हो तो लाइक, शेयर और सब्सक्राइब कीजिए हमारे चैनल TAXVAKEEL GURUJI  को,
ताकि आप ऐसे और इंफॉर्मेटिव वीडियो मिस न करें।
अगर आपका कोई सवाल या डाउट है,
तो नीचे कमेंट सेक्शन में ज़रूर बताइए।
FRIENDS ...
मिलते हैं अगले वीडियो में —
तब तक मुस्कुराइए, समझदारी से कमाइए और टैक्स सेफ रहिए! 😊


"भारत... वाकई कमाल का देश है दोस्तों!
कुछ दिन पहले एक जज के घर पर आग लगती है 🔥
और जब फायर ब्रिगेड अंदर पहुंचती है —
तो वहां से निकलते हैं करोड़ों रुपये कैश! 💰
अब ये वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह वायरल हो जाता है,
लेकिन हुआ क्या?
उस जज साहब को बस एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर कर दिया गया! 😳

और उधर आप-हम जैसे साधारण टैक्सपेयर अगर छोटी सी भी ट्रांजैक्शन कर दें,
तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर तुरंत हम पर! 👀
नोटिस पर नोटिस, सवाल पर सवाल!

तो भाई, हमारे पास बचता है बस एक ही रास्ता —
जानकारी रखना, अवेयर रहना और समझदारी से ट्रांजैक्शन करना।
क्योंकि आज मैं आपको बताने वाला हूं 45 ऐसी ट्रांजैक्शन,
जिन पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की सीधी नज़र रहती है!
वीडियो को आखिर तक जरूर देखना,
क्योंकि आखिरी वाली ट्रांजैक्शन सुनकर आपके भी होश उड़ जाएंगे! 🚀


🎯 सेक्शन 1: इनकम से जुड़ी ट्रांजैक्शन

अगर आप नौकरी करते हैं,
तो आपका एम्प्लॉयर जो TDS काटता है —
वो सीधे रिपोर्ट हो जाता है इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को।

अगर आप 50,000 रुपये से ज़्यादा किराया लेते हैं,
तो आपका टेनेंट भी TDS काटकर रिपोर्ट कर देता है।

अब बात करते हैं डिविडेंड और इंटरेस्ट इनकम की —
आपके बैंक अकाउंट का ब्याज,
आपके इन्वेस्टमेंट्स का डिविडेंड,
यह सब रिपोर्ट होता है आपके AIS यानी Annual Information Statement में।


💎 सेक्शन 2: लग्ज़री खर्चे — नई एंट्री!

ब सरकार लग्ज़री खर्चों पर भी नज़र रख रही है!
10 लाख से ज़्यादा के वॉचेस, आर्ट पीस, होम थिएटर, स्पोर्ट्स वियर,
यहां तक कि अगर आपने घोड़ा खरीदा है 🐎
तो वो भी अब रिपोर्ट होगा आपके AIS में!


🏠 सेक्शन 3: प्रॉपर्टी और व्हीकल ट्रांजैक्शन

30 लाख से ज़्यादा की प्रॉपर्टी का खरीदना या बेचना
दोनों ही केस में रिपोर्टिंग अनिवार्य है।
अगर आप हर महीने 50,000 से ज़्यादा का रेंट कमा रहे हैं,
तो TDS कटेगा और रिपोर्टिंग होगी।

इसी तरह अगर आपने 10 लाख से ज़्यादा की गाड़ी खरीदी 🚗
तो TCS लगेगा और वो भी आपके AIS में रिपोर्ट हो जाएगा।


💵 सेक्शन 4: कैश ट्रांजैक्शन — सबसे ज्यादा अलर्ट जोन!

अगर आपने अपने सेविंग अकाउंट में सालभर में
10 लाख रुपये से ज़्यादा कैश डिपॉजिट या विदड्रॉ किया —
तो बैंक तुरंत रिपोर्ट करेगा।
और अगर करंट अकाउंट है, तो लिमिट है 50 लाख रुपये की!


🎰 सेक्शन 5: लॉटरी, गेमिंग और अन्य इनकम्स

अगर आप लॉटरी खेलते हैं, हॉर्स रेस में हिस्सा लेते हैं,
या ऑनलाइन गेमिंग से कुछ जीतते हैं,
तो वो भी रिपोर्ट होता है।

लाइफ इंश्योरेंस मैच्योरिटी,
PF विड्रॉल,
क्रेडिट कार्ड की कैश पेमेंट —
सबकी रिपोर्ट सरकार तक पहुंचती है।

यहां तक कि अगर आपने 7 लाख रुपये से ज़्यादा का फॉरेन रेमिटेंस किया है,
वो भी ट्रैक में है! 🌍


📊 सेक्शन 6: बिजनेस और जीएसटी कनेक्शन

आपकी हर सेल, परचेस, टर्नओवर —
सब लिंक्ड है आपके GST और AIS से।
यानि सरकार को आपके हर बड़े पैसे के मूवमेंट की जानकारी रहती है।


क्लोजिंग (इमोशनल हुक + कॉल टू एक्शन)

तो दोस्तों, ये थीं वो IMPORTANT  ट्रांजैक्शन,
जिन पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर हमेशा बनी रहती है।

चाहे सैलरी हो, रेंट हो, डिविडेंड हो,
या लग्ज़री स्पेंडिंग —
हर चीज़ अब ट्रैक की जा रही है।

तो समझदारी यही है —
इन लिमिट्स के अंदर रहो,
सही रिपोर्टिंग करो,
और टैक्स नोटिस से बचो!

अगर वीडियो जानकारीपूर्ण लगी हो तो
👉 लाइक जरूर करो,
👉 कॉमेंट में बताओ कि कौन सी ट्रांजैक्शन ने आपको चौंकाया,
और 👉 सब्सक्राइब करो हमारे चैनल Tax Vakeel Guru Ji  को,
क्योंकि यहां आपको मिलती है रियल और उपयोगी फाइनेंस नॉलेज
बिलकुल आसान भाषा में! 💡

मिलता हूं अगले सेशन में —
तब तक हंसते रहिए, मुस्कुराते रहिए, और टैक्स स्मार्ट बनिए! 😄
जय हिंद! 🇮🇳



🔥 “1 जनवरी 2026 से बेकार हो जाएगा आपका PAN Card?”

🔥 “1 जनवरी 2026 से बेकार हो जाएगा आपका PAN Card?”

मस्कार दोस्तों!
हम सबके पास PAN Card होता है — और ये हमारे सबसे ज़रूरी पहचान और फाइनेंशियल डॉक्युमेंट्स में से एक है।
चाहे बैंक अकाउंट खोलना हो, कोई ट्रांज़ैक्शन करना हो या KYC पूरी करनी हो… PAN हर जगह चाहिए होता है।

लेकिन अब एक बड़ी खबर सामने आई है —
1 जनवरी 2026 से आपका PAN Card हो जाएगा INOPERATIVE, यानी कि बेकार!
क्या आपको इसे फेंक देना चाहिए? आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?
पूरा सच जानने के लिए इस वीडियो को अंत तक ज़रूर देखें।

आप देख रहे हैं HAMARA CHANNEL  TAXVAKEELगुरुजी, 


👉 PAN बनाम Aadhaar – नया नियम क्यों आया?

आपके पास दो मुख्य पहचान पत्र हैं:
✔ Aadhaar Card
✔ PAN Card

सरकार ने पहले ही साफ़ नियम बना दिया है —
अगर आपका PAN 1 अक्टूबर 2025 से पहले बना है, तो आपको उसे Aadhaar से लिंक करना ज़रूरी है।

क्यों?
क्योंकि 1 अक्टूबर 2025 के बाद बनने वाले सभी नए PAN अपने आप Aadhaar आधारित होंगे।

तो अगर आपने अभी तक PAN को Aadhaar से लिंक नहीं किया —
तो 1 जनवरी 2026 से आपके लिए बड़ी मुसीबत आने वाली है।


👉 Step 1: PAN–Aadhaar लिंकिंग स्टेटस कैसे चेक करें

जाएं: incometax.gov.in पर

  1. Quick Links सेक्शन तक स्क्रॉल करें।

  2. क्लिक करें “Link Aadhaar Status” पर।

  3. अपना PAN नंबर और Aadhaar नंबर डालें।

  4. फिर क्लिक करें View Link Aadhaar Status पर।

तुरंत पता चल जाएगा कि आपका PAN लिंक है या नहीं।


👉 Step 2: अगर लिंक नहीं है — तो ऐसे करें PAN–Aadhaar लिंक

  1. वापस होमपेज पर जाएं।

  2. क्लिक करें “Link Aadhaar” ऑप्शन पर।

  3. अपना PAN और Aadhaar नंबर डालें।

  4. क्लिक करें Validate पर।

  5. पेमेंट करें — ₹1000 लेट फीस

  6. पेमेंट के बाद आपका PAN–Aadhaar लिंकिंग रिक्वेस्ट पूरी हो जाएगी।


👉 अगर PAN और Aadhaar की डिटेल्स मैच नहीं कर रहीं तो?

कई बार लिंकिंग फेल हो जाती है क्योंकि नाम या जन्मतिथि में फर्क होता है।
अच्छी खबर यह है कि अब Aadhaar का नया ऑफिशियल मोबाइल ऐप आ चुका है,
जहां से आप घर बैठे ही अपनी डिटेल्स अपडेट कर सकते हैं।

अगर आप चाहते हैं कि मैं इस पर एक अलग वीडियो बनाऊं,
तो नीचे कमेंट करें — मैं ज़रूर बनाऊंगी।


⚠️ PAN होगा “Inoperative” 1 जनवरी 2026 से

अगर आपने PAN को Aadhaar से लिंक नहीं किया,
तो 1 जनवरी 2026 से आपका PAN ऐसा माना जाएगा जैसे वो अस्तित्व में ही नहीं है!

इसका मतलब:

❌ ITR फाइल नहीं कर पाएंगे

❌ आपका रिफंड प्रोसेस नहीं होगा

❌ कोई भी पेंडिंग असेसमेंट आपके बिना जवाब के आगे बढ़ेगा

❌ बड़ी फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन्स (जहां PAN जरूरी है) नहीं कर पाएंगे

❌ TDS और TCS कटेगा 20% के हाई रेट पर

❌ बैंक, म्यूचुअल फंड, शेयर, प्रॉपर्टी ट्रांज़ैक्शन्स — सब रुक जाएंगे

सीधे शब्दों में → आपका PAN Card बेकार हो जाएगा।


👉 घर बैठे PAN–Aadhaar लिंक करना चाहते हैं?

मैंने पहले से एक स्टेप-बाय-स्टेप वीडियो बनाया हुआ है।
उसका लिंक डिस्क्रिप्शन और पिन किए हुए कमेंट में दिया गया है।


📢 वीडियो शेयर ज़रूर करें!

ये एक बहुत बड़ा अपडेट है —
इस वीडियो को अभी अपने फैमिली व्हाट्सऐप ग्रुप्स में शेयर करें
ताकि कोई भी 1 जनवरी 2026 से दिक्कत में न पड़े।


🎓 अपनी स्किल्स को अपग्रेड करना चाहते हैं?

विज़िट करें: TAXVAKEEL GURUJI 
यहां हमारे Practical और Advanced VIDEOS उपलब्ध हैं।
लिंक डिस्क्रिप्शन और पहले कमेंट में है।


🙏 धन्यवाद!

अपडेटेड रहें, कंप्लायंट रहें।
मिलते हैं अगले वीडियो में।
जय हिन्द! 🇮🇳





🎬 

“नमस्ते दोस्तों! चैनल पर आपका फिर से स्वागत है! 🙌

आज हम बात करने वाले हैं एक ऐसे बिज़नेस अवसर के बारे में जिसकी मांग हमेशा बनी रहती है — Private Security Agency!
अगर आप भी अपनी सिक्योरिटी कंपनी शुरू करना चाहते हैं, तो आपको चाहिए एक लाइसेंस — PSARA License!
आज मैं आपको बताने वाला हूँ कि यह लाइसेंस कैसे मिलता है, किन डॉक्यूमेंट्स की ज़रूरत होती है, इसकी लागत क्या है और पूरा प्रोसेस ऑनलाइन कैसे होता है।
तो वीडियो को आख़िर तक ज़रूर देखिए — क्योंकि मैं हर स्टेप डिटेल में बताने वाला हूँ। चलिए शुरू करते हैं! 🚀”


[सेक्शन 1 – PSARA क्या है   ?

“सबसे पहले समझते हैं कि PSARA होता क्या है।
PSARA का पूरा नाम है Private Security Agencies Regulation Act, जो साल 2005 में लागू हुआ था।
इस एक्ट के अनुसार, अगर आप किसी भी रूप में प्राइवेट सिक्योरिटी सर्विस देना चाहते हैं, तो आपके पास पहले दिन से ही PSARA License होना ज़रूरी है।
बिना लाइसेंस के सिक्योरिटी एजेंसी चलाना ग़ैरक़ानूनी (illegal) है।
इस एक्ट में शामिल हैं –
✅ लाइसेंस की आवश्यकताएँ,
✅ पात्रता और वेरिफिकेशन,
✅ सिक्योरिटी गार्ड की ट्रेनिंग,
✅ यूनिफॉर्म और आईडी नियम,
✅ हथियारों का उपयोग,
✅ नियमों के उल्लंघन पर दंड,
और निरीक्षण प्रक्रिया।
तो अगर आप सच में एक सिक्योरिटी एजेंसी शुरू करना चाहते हैं, तो पहले इस एक्ट को अच्छे से पढ़िए और समझिए।”

[सेक्शन 2 – लागत, वैधता और समयसीमा –

“अब बात करते हैं सबसे महत्वपूर्ण हिस्से की — लागत (Cost), वैधता (Validity) और समयसीमा (Timeline) की।
सरकारी फीस इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितने क्षेत्र में काम करना चाहते हैं:
💰 सिर्फ़ 1 ज़िले के लिए – ₹5,000
💰 2 से 5 ज़िलों के लिए – ₹10,000
💰 पूरे राज्य के लिए – ₹25,000
इसके अलावा, आपको एक रजिस्टर्ड कंपनी चाहिए होगी, कंसल्टेंट की फीस और कुछ अतिरिक्त खर्चे भी हो सकते हैं।
लाइसेंस मिलने के बाद इसकी वैधता 5 साल होती है।
हर पाँच साल में इसका नवीनीकरण (renewal) कराना ज़रूरी होता है।
क़ानूनी तौर पर समय सीमा 60 से 90 दिन है, लेकिन वास्तविकता में अगर कोई आपत्ति या सवाल-जवाब होता है, तो इसमें 120 दिन तक लग सकते हैं।
यानी अगर आपके डॉक्यूमेंट्स सही हैं, तो 3 से 4 महीने में लाइसेंस मिल सकता है!”

[सेक्शन 3 – आवश्यक डॉक्यूमेंट्स 

“अब जानते हैं कि इस लाइसेंस के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स चाहिए।
वीडियो को पॉज़ करके इनकी लिस्ट
 नोट कर लीजिए या स्क्रीनशॉट ले लीजिए।
📄 कंपनी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
📄 जीएसटी रजिस्ट्रेशन
📄 मैनेजमेंट टीम के आईडी प्रूफ
📄 PSARA सेक्शन 6 के तहत एफिडेविट
📄 पिछले 3 साल के आयकर रिटर्न
📄 ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट से एमओयू (MoU)
ये सभी आवश्यक (mandatory) दस्तावेज़ हैं।”

[सेक्शन 4 – ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया –

“चलिए अब बात करते हैं कि PSARA License के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें।
सब कुछ ऑनलाइन होता है — किसी दफ़्तर जाने की ज़रूरत नहीं!
👉 Step 1: PSARA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ (लिंक डिस्क्रिप्शन में दिया गया है)।
👉 Step 2: ‘Agency Login’ पर क्लिक करें और नया अकाउंट बनाएँ।
👉 Step 3: एजेंसी का नाम, आवेदक की डिटेल्स और ईमेल आईडी सही भरें (इसी पर approval/rejection मेल आएगा)।
👉 Step 4: मैनेजमेंट की डिटेल्स भरें – हर सदस्य के लिए अलग फॉर्म भरना होगा।
👉 Step 5: सभी डॉक्यूमेंट्स PDF फॉर्मेट में अपलोड करें (1MB से कम आकार में)।
इसके बाद आपको भरने होंगे –
स्टाफ डिटेल्स,
इक्विपमेंट डिटेल्स,
यूनिफॉर्म की फोटो (कंपनी का नाम और लोगो साफ़ दिखना चाहिए),
ऑपरेशनल एरिया (कौन से ज़िले या राज्य में काम करेंगे),
ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट की जानकारी (रिकॉग्नाइज़्ड होना ज़रूरी है),
और कंपनी के अन्य विवरण जैसे ESI, EPF, GST आदि।
अंत में एफिडेविट अपलोड करें, ‘Comments/Remarks’ सेक्शन भरें और पूरी एप्लीकेशन एक बार प्रीव्यू करके चेक कर लें।
सब कुछ सही होने पर पेमेंट करें — नेट बैंकिंग, यूपीआई या कार्ड से।”


[सेक्शन 5 – फाइनल सबमिशन और स्वीकृति –

पेमेंट करने के बाद आपको एक Acknowledgment Receipt मिलेगी — इसे प्रिंट कर लें और सुरक्षित रखें।
आपके ईमेल पर भी कन्फर्मेशन आ जाएगा।
अब आपकी एप्लीकेशन PSARA अथॉरिटी के पास वेरिफिकेशन के लिए चली गई है।
पुलिस वेरिफिकेशन होगा, डॉक्यूमेंट्स की जांच होगी और अगर सब सही रहा तो 90 से 120 दिनों में आपको PSARA लाइसेंस मिल जाएगा।
सोचिए — आपके ऑफिस की दीवार पर आपका खुद का लाइसेंस लगा हो... कितना गर्व महसूस होगा! 💪”


[निष्कर्ष 

तो दोस्तों, यही था पूरा प्रोसेस PSARA License के आवेदन का —
Eligibility से लेकर ऑनलाइन आवेदन और फाइनल अप्रूवल तक।
अगर आप एक सीरियस एंटरप्रेन्योर हैं और अपनी Private Security Agency शुरू करना चाहते हैं, तो ये लाइसेंस आपके लिए अनिवार्य है।
मुझे उम्मीद है कि ये वीडियो आपके लिए बेहद उपयोगी रहा होगा।
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मैं मिलूंगा अगले वीडियो में एक नए टॉपिक के साथ।
तब तक के लिए – Stay Safe, Stay Smart! 👋”



“DEC से सब बदल गया! December के 5 बड़े Tax Changes! | GST + Income Tax Updates 2025”


🎬 

[INTRO –

दोस्तों! December 2025 शुरू होते ही Tax System में बड़े-बड़े बदलाव हो गए हैं — चाहे बात करें GST की या Income Tax की!
अगर आप Business Owner, Accountant, Taxpayer या GST Practitioner हैं… तो इस वीडियो को आख़िर तक ज़रूर देखिए, क्योंकि December के इन 5 बड़े बदलावों से आपके काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।


1 – GST में बदलाव | Effective 1 December 2025

Host:
सबसे पहले बात करते हैं GST Updates की जो 1 December 2025 से लागू हो गए हैं।

1️⃣ Return Filing में बदलाव
अब GSTR-1 और GSTR-3B की Matching Process को और Automated बना दिया गया है।
Mismatch आने पर Portal खुद ही Alert देगा, जिससे Manual Errors कम होंगे।

2️⃣ Compliance Rules में Updates
अब Businesses को Time-to-Time E-Invoice Validation और Input Tax Credit (ITC) Cross-Check करना ज़रूरी है।
Department ने New Circular के ज़रिए ये साफ़ किया है कि Fake ITC Claims पर सख्त Action लिया जाएगा।

3️⃣ Departmental Instructions & Clarifications
CBIC ने कुछ नए Clarifications जारी किए हैं — जैसे कि Reversal of ITC कब करना है, और Credit Note Adjustment की Latest Guidelines क्या हैं।

4️⃣ GSTR-9 Updated Version (01.12.2025 से लागू)
अब GSTR-9 का नया Version Live हो गया है जिसमें Auto-populated Figures और Revised Instruction Format है।
तो Filing करने से पहले ध्यान से Cross-Verify करना मत भूलिए।

✅ Auto-populated Data
✅ Revised Instructions

 2 – Bank Update Deadline | 02 December 2025 – 

अब आते हैं दूसरे सबसे Important Update पर —
GST Portal पर Bank Update अब Mandatory कर दिया गया है।

अगर आपने अपना Updated Bank Account नहीं जोड़ा है तो ध्यान दीजिए —
2 December 2025 तक ये Update करना Compulsory था।
अगर Miss किया… तो GST Registration Suspend भी हो सकता है!

“Bank Update कैसे करें?”

  • Login करें GST Portal पर

  • Profile > Bank Account Section

  • Add / Edit Account

  • Verification Submit करें

यह Rule खासतौर पर उन Taxpayers के लिए है जिन्होंने Business Name या Bank Account में कोई Recent Change किया है।


3. GSTR-9 Update | 01 December 2025 – 3:00 to 4:00]


1 December को GSTR-9 का Updated Version Roll Out हो गया है।
अब Filing के दौरान ये चार Points ज़रूर Check करें:

1️⃣ Auto-populated Figures को Manual Books से Match करें।
2️⃣ Annual Turnover और Tax Liability को Cross-Verify करें।
3️⃣ Input Tax Credit की Reconciliation करें।
4️⃣ Instructions के नए Format को ध्यान से Follow करें।


💡 Tip: Filing से पहले “Preview Draft” Download करें ताकि Errors Detect हो सकें।


 4 – Income Tax Updates | ITR Filing Due Date – 10 December 2025 – 

अब बात Income Tax की —
Government ने 2025 के लिए ITR Filing की नई Final Date 10 December 2025 घोषित की है।

यह Date Individuals, Professionals और Non-Audit Cases पर लागू होती है।
अगर आपने अभी तक ITR File नहीं किया है — तो अब ज़्यादा Time नहीं बचा है।

⚠️ Late Filing Penalty: ₹1,000 से ₹5,000 तक

⚠️ Interest under Section 234F लागू होगा

और हाँ — ITR Filing के वक्त छोटी Mistakes Avoid करें जैसे –


 5 – Belated & Revised ITR | Last Date 31 December 2025 – 

अब सबसे Final और Crucial Update —
Belated या Revised ITR File करने की Last Date है 31 December 2025

अगर आपने ITR Time पर नहीं भरी थी, तो Belated Return अभी भी File कर सकते हैं।
और अगर कोई गलती रह गई है — तो Revised ITR आपका Final Chance है।

लेकिन याद रखिए —
31 December के बाद कोई भी Correction या Filing संभव नहीं होगी।
उसके बाद केवल Scrutiny या Penalty Notice का इंतज़ार रहेगा।

🚨 Final Deadline: 31 December 2025
📅 No Extension Expected!


[SUMMARY + OUTRO 

चलो एक बार जल्दी से Important Dates Recap कर लेते हैं 👇

📅 1 Dec 2025 – GST Changes लागू
📅 2 Dec 2025 – Bank Update Last Date
📅 1 Dec 2025 – GSTR-9 Updated
📅 10 Dec 2025 – ITR Filing Due Date
📅 31 Dec 2025 – Belated & Revised ITR Last Date


तो दोस्तों, December के ये Tax Changes हर Business Owner और Taxpayer के लिए Game-Changer हैं।
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Text: #TaxUpdate #GST2025 #IncomeTaxIndia #FinanceWithCA #DecemberDeadline


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