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2026 Banking transactions limits



भारत — एक ऐसा देश, जहां कानून का खेल भी बड़ा अजीब है।
यहां किसी जज के घर से लाखों का कैश मिले तो सिस्टम चुप रहता है,
किसी नेता के पास बेनामी प्रॉपर्टी हो — तो सब नॉर्मल है।
लेकिन जब बात आती है आप और मेरी — यानि एक आम टैक्सपेयर की,
तो एक छोटी सी बैंक ट्रांजैक्शन पर भी नोटिस की बौछार हो जाती है!”
लेकिन चिंता मत कीजिए!
आज मैं आपको बताने वाला हूँ 2026 की बैंकिंग ट्रांजैक्शन लिमिट्स,
वो सारे रेड फ्लैग ट्रांजैक्शन्स जो आपको इनकम टैक्स के नोटिस तक पहुँचा सकती हैं,
और आखिर में — वो गोल्डन टिप्स,
जिनसे आप कभी भी IT डिपार्टमेंट की रडार पर नहीं आएंगे।”


🏦 PART 1 – बैंक ट्रांजैक्शन लिमिट्स (2026 अपडेट)

🎙️ “सबसे पहले बात करते हैं, रोज़ाना की ट्रांजैक्शन्स की...”
UPI लिमिट: ₹1 लाख प्रतिदिन (एजुकेशन/हेल्थ के लिए ₹5 लाख तक)
IMPS लिमिट: ₹5 लाख
RTGS: मिनिमम ₹2 लाख – मैक्सिमम कोई लिमिट नहीं
NEFT: ₹1 से शुरू, कोई मैक्स लिमिट नहीं
🎙️ “लेकिन याद रखिए, हर बैंक अपनी लिमिट अलग तय करता है,
इसलिए अपने बैंक के नियम ज़रूर चेक करें।”

💰 PART 2 – कैश डिपॉजिट और विदड्रॉअल लिमिट्स

🎙️ “अगर आपने अपने सेविंग अकाउंट में ₹10 लाख से ज़्यादा कैश डिपॉजिट या विड्रॉ किया,
तो उसकी रिपोर्ट सीधा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जाती है —
इसे कहते हैं SFT रिपोर्टिंग (Significant Financial Transaction)।”
⚠️ “अगर आपने अपनी ITR में इसे रिपोर्ट नहीं किया —
तो आपको 86% तक की पेनल्टी लग सकती है!”
🎙️ “और अगर आपका करंट अकाउंट है — तो लिमिट ₹50 लाख की है।”


🧊 PART 3 – अकाउंट फ्रीज़ और फ्रॉड ट्रांजैक्शन्स

🎙️ “आजकल ₹1 का फ्रॉड भी बैंक अकाउंट फ्रीज़ करा सकता है।
कई बार स्कैमर्स ₹1 भेजकर अकाउंट को फसाते हैं —
इसलिए ऐसी सस्पेक्टेड ट्रांजैक्शन्स से दूर रहें।”
🎙️ “और अगर टैक्स अथॉरिटी कोई रिकवरी प्रोसीडिंग शुरू करती है,
तो सबसे पहले आपका बैंक अकाउंट ही फ्रीज़ किया जाता है!”
💡 “इसीलिए अपने फंड्स को डायवर्सिफाई करें
थोड़ा FD में, थोड़ा SIP में, थोड़ा गोल्ड या प्रॉपर्टी में —
सब कुछ बैंक में मत रखिए!”


📊 PART 4 – GST और ITR रिपोर्टिंग

🎙️ “अब GST और ITR दोनों में सभी बैंक अकाउंट्स की डिटेल देना मैंडेटरी हो गया है।
अगर आपने GST रजिस्ट्रेशन के 30 दिनों में बैंक अकाउंट ऐड नहीं किया —
तो आपका GST नंबर ऑटो-सस्पेंड हो जाएगा!”
🎙️ “और ITR में बैंक अकाउंट न बताने पर ₹10,000 तक की पेनल्टी लग सकती है।”


🧾 PART 5 – TDS on Cash Withdrawal (Section 194N)

🎙️ “अगर आप ITR फाइल करते हैं और ₹1 करोड़ से ज़्यादा कैश निकालते हैं —
तो बैंक 2% TDS काटेगा।
अगर आपने ITR नहीं फाइल की —
तो ₹20 लाख के बाद ही TDS कटना शुरू हो जाएगा!”



💼 PART 6 – GST रजिस्ट्रेशन और UPI रिसीट्स

🎙️ “कई बिज़नेस ओनर्स अपने अकाउंट में ₹40 लाख से ज़्यादा UPI रिसीव करते हैं,
लेकिन GST में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाते —
तो ध्यान दीजिए! ₹40 लाख (गुड्स) और ₹20 लाख (सर्विसेज़) की लिमिट के बाद
GST रजिस्ट्रेशन मैंडेटरी है।”


💡 PART 7 – बोनस टिप्स टू स्टे सेफ

🎙️ “1️⃣ पर्सनल और बिज़नेस ट्रांजैक्शन्स अलग रखें।”
🎙️ “2️⃣ अपने UPI रिकॉर्ड्स को हमेशा अपडेट रखें।”
🎙️ “3️⃣ सारे बैंक अकाउंट्स को ITR और GST में रिपोर्ट करें।”
🎙️ “4️⃣ कैश ट्रांजैक्शन्स लिमिट के अंदर रखें —
₹2 लाख से ज़्यादा कैश सेल, ₹2,000 से ज़्यादा कैश लोन, या ₹10,000 से ज़्यादा बिज़नेस एक्सपेंस कैश में न करें।”
🎙️ “इन नियमों का पालन करेंगे तो IT डिपार्टमेंट से नोटिस का डर कभी नहीं रहेगा।”


🎙️ “अगर यह वीडियो आपको इंफॉर्मेटिव लगी हो तो
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क्योंकि यहां हर वीडियो में मिलता है —
ज्ञान, जो आपको बनाता है स्मार्ट टैक्सपेयर!”



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